जनजातीय क्षेत्रों में तेजी से हों विकास कार्य, योजनाओं का करें समयबद्ध क्रियान्वयन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को स्थित समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में जनजातीय कार्य विभाग की योजनाओं और गतिविधियों की गहन समीक्षा की। बैठक में प्रदेश के सभी जनजातीय समुदायों के कल्याण के लिए चल रही सभी योजनाओं, विकास कार्यक्रमों और इनकी अब तक की प्रगति पर विस्तार से समीक्षा की।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनजातीय क्षेत्रों में विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाये। सभी निर्माणाधीन विकास कार्य तेजी से पूर्ण कराये जायें। योजनाओं का क्रियान्वयन नियोजित एवं समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, रोजगार सृजन और अधोसंरचना विकास कार्यों में तेजी लाकर जनजातीय समुदायों को समर्थ बनाने के लिए ठोस प्रयास किए जाएं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जनजातीय वर्ग के विद्यार्थियों को रोजगारपरक शिक्षा देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसी समग्र एवं उन्नत शिक्षा दी जाए, जिनसे जनजातीय विद्यार्थियों का जीवन आलोकित हो और वे समर्थ बनें। इसके लिए देश के अन्य राज्यों में जनजातीय वर्ग के लिए शिक्षा व्यवस्था का भी अध्ययन कर लें। उनकी अच्छाईयों को आत्मसात करें और एक बेहतर व रोजगापरक शिक्षा की ओर आगे बढ़ें।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनजातियों की आर्थिक स्थिति में आमूल-चूल सुधार लाने के लिए जनजातीय क्षेत्रों में गौ-शालाओं के निर्माण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि जनजातीय बंधुओं को अच्छी नस्ल के दुधारू पशुओं के पालन-पोषण की ओर प्रवृत्त किया जाए। दूध उत्पादन एवं डेयरी उत्पादों से ही जनजातियों की आर्थिक स्थिति बदलेगी, उनका जीवन स्तर सुधरेगा। उन्होंने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य एवं रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान दिया जाए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पेसा एक्ट के जरिए जनजातियों को समर्थ किया गया है। इससे उनको अपने विकास की ओर बढ़ने में मदद मिली हैं। जनजातीय गांवों में सुधार दिखाई देता है, यह प्रशंसनीय है। मुख्यमंत्री ने जनजातियों के वाद्य यंत्रों का संरक्षण करने और उनकी पुरातन धरोहर को संभाल कर रखने के लिए शासन स्तर से विशेष प्रोत्साहन दिए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में ग्राम पर्यटन को बढ़ावा दिया जाए। होम स्टे के जरिए जनजातीय लोगों को आय का अतिरिक्त साधन मुहैया होता है। इसलिए इस दिशा में समग्र प्रयास किए जाएं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में उनकी सामाजिक संरचना को नेतृत्व देने वाले व्यक्तियों को चिन्हित किया जाए और इनके साथ मिलकर जनजागरण का काम किया जाए। जनजातीय वर्ग के युवाओं को नशाखोरी से बचाने सहित उनके सामाजिक व पारिवारिक संरक्षण की दिशा में गायत्री परिवार जैसे सामाजिक संगठन को जोड़ा जाए।