CM मोहन यादव समान नागरिक संहिता पर बोले, जैसे-जैसे अनुमति मिलेगी राज्य लागू करते जाएंगे

भोपाल. समान नागरिक संहिता को लेकर जैसे-जैसे अनुमति मिलेगी, राज्य लागू करते जाएंगे। यह विषय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने है। अभी उत्तराखंड को अनुमति मिली है तो उन्होंने लागू किया है। यह बात मुख्यमंत्री मोहन यादव ने चर्चा में कही। यह भी कहा कि भारतीय दंड संहिता के स्थान पर प्रधानमंत्री ने भारतीय न्याय संहिता लागू करने का निर्णय करके भारतीय न्याय परंपरा को पुनर्स्थापित किया है। मुख्यमंत्री ने मंत्रालय में चर्चा में कहा कि एक-एक करके व्यवस्था में सुधार के कदम बढाए जा रहे है। नागरिकता संशोधन कानून के अंतर्गत नागरिकता मिलनी प्रारंभ हो गई है।
समान नागरिक संहिता को लेकर जैसे-जैसे अनुममि मिलेगी, राज्य लागू करते जाएंगे। भारतीय दंड संहिता के स्थान पर भारतीय न्याय संहिता के 1 जुलाई से प्रभावी होने को लेकर कहा कि इसका लोगों ही हमको डराता था। आंखों में पट्टी बांधकर न्याय के देवता न्याय करें, आंख में पट्टी बांधकर कौन न्याय करा सकता है। हमारे यहां तो पंच परमेश्वर की प्रद्धति है। गांव के पांच लोग बैठकर किसी के भी फैसले कर सकते है। गुलामी के काल से मुक्ति मिल रही है। दंड संहिता का मतलब ही दंड देना था। जबकि हमारे यहां न्याय की बात होती है।