कलेक्टर ने पहल कर श्रमिकों को रेलवे ठेकेदार से दिलाई 45 दिन की मजदूरी
ग्वालियर – रेलवे के ठेकेदार द्वारा मजदूरी का भुगतान न किए जाने से परेशान दो दर्जन श्रमिकों की समस्या का समाधान हो गया है। कलेक्टर रुचिका चौहान ने पहल कर इन श्रमिकों को 45 दिन की मजदूरी के रूप में कुल 4 लाख 65 हजार से अधिक धनराशि का भुगतान करा दिया है। इन श्रमिकों में 11 महिलाएँ व 13 पुरुष शामिल हैं। प्रदेश के सीधी, शहडोल, कटनी व उमरिया जिले के निवासी इन श्रमिकों से ठेकेदार ने रेलवे का काम कराया था, पर उनकी 45 दिन की मजदूरी नहीं दी थी।
इन श्रमिकों ने गत 20 जून को ग्वालियर कलेक्ट्रेट पहुँचकर कलेक्टर को अपनी व्यथा सुनाई और कहा कि हम सब बहुत परेशान हैं। कैसे भी हो हमारा भुगतान करा दीजिए, जिससे हम अपने घर जा सकें। कलेक्टर ने इस शिकायत को गंभीरता से लिया और सभी को भरोसा दिलाया कि आप सब चिंता न करें, जिला प्रशासन आपकी मजदूरी का भुगतान करायेगा। उन्होंने सहायक श्रम आयुक्त को अपनी टीम भेजकर ठेकेदार का पता लगाने और जल्द से जल्द श्रमिकों का भुगतान कराने के निर्देश दिए।
इस परिपालन में श्रम विभाग की टीम ने श्रमिकों और रेलवे सहित अन्य माध्यमों से चर्चा कर पता लगाया कि नैना इन्फ्रा कंपनी के ठेकेदार भूपेन्द्र सिंह यादव ने इन श्रमिकों को भारत सरकार के उपक्रम रेल विकास निगम लिमिटेड के कार्य में मजदूरी पर लगाया था। ठेकेदार भूपेन्द्र सिंह यादव उत्तरप्रदेश के ललितपुर जिले के ग्राम बडोखरा का निवासी है।