आदिवासियों ने वनकर्मियों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा, पुलिस ने बचाया
ग्वालियर. पनिहार में वन चौकी बीट रायपुर के जंगल में वन अमले पर आदिवासियों ने हमला बोल दिया। लोगों ने चारों तरफ से घेरकर वन कर्मियों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। उन्हें भागकर जान बचानी पड़ी। इसमें वनकर्मी घायल हो गये हैं। वनकर्मी पौधरोपण के लिये जमीन तैयार करने के लिये पहुचे थे। घटना सोमवार की शााम रायपुर के जंगल में स्वर्ण रेखा नदी के किनारे की है।
घटना का पता चलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंची तो आरोपी भाग निकले। पुलिस ने घायल वनकर्मियों को भर्ती कराया है। आरोपियों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने समेत अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज की गयी है।
क्या है घटनाक्रम
वन रक्षक सोन चिरैया अभयारण्य रेंज तिघरा के रायपुर बीट में पदस्थ लोकेन्द्र सिंह ने शिकायत की है कि सोमवार शाम साथियों रविकांत, राम अवतार व अन्य के साथ बीट रायपुर स्थित स्वर्ण रेखा नदी किनारे पौधरोपण के लिए जमीन तैयार कर रहे थे। काम शुरू हुए दो ही घंटे हुए थे कि वहां रतना अदिवाासी, साबा आदिवासी, हीरा आदिवासी साथियों के साथ पहुंचे और JCB बंद करा दी। उन्हें समझाने का प्रयास किया, तो वह विवाद करने लगे। अचानक विरोध कर रहे आदिवासियों ने वनकर्मियों को घेरकर लाठी-डंडों से हमला बोल दिया। अचानक हुए हमले से वन कर्मचारी घबरा गए और बचने के लिए पीछे हटे, तो आरोपियों ने पथराव कर दिया।
पुलिस नहीं आती, तो हो जाती बड़ी घटना
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि समय रहते पुलिस आ गई, नहीं तो बड़ी घटना घट सकती थी। पुलिस के आने से हमलावर वहां से भाग निकले। एक बार फिर वन अमला हथियार नहीं होने पर जवाब नहीं दे सका है। यह पहली घटना नहीं है, इस इलाके में कई बार वन अमला पिट चुका है।
पनिहार थाना प्रभारी धवल सिंह चौहान ने बताया कि वनकर्मियों पर बदमाशों ने हमला किया है। इसमें वनकर्मचारी घायल हुए हैं। आरोपियों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर हमलावरों की तलाश की जा रही है।
जंगल में छिपकर बचाई जान
आदिवासी समाज के लोगों द्वारा अचानक हुए पथराव से वन कर्मचारी हमलावरों के बीच फंस गये। आरोपियों से बचने के लिये वनकर्मियों को जान बचाकर भागना पड़ा और साथ ही पुलिस को सूचना दी। पुलिस घटनास्थल पर पहुंची तो हमलावर भाग निकले।