MP में मंत्री दर्जा प्राप्त 46 अध्यक्ष-उपाध्यक्षों को हटाया

भोपाल. मोहन सरकार में निगम, मंडल और प्राधिकरणों में राजनीतिक नियुक्तियों को निरस्त करने का सैद्धांतिक निर्णय लिया है। इन सभी को कैबिनेट व राज्य मंत्री का दर्जा दिया गया था। सरकार के निर्णय के बाद मध्य प्रदेश राज्य कौशल विकास एवं रोजगार निर्माण बोर्ड के अध्यक्ष शैलेंद्र शर्मा, उपाध्यक्ष नरेंद्र बिरथरे और राज्य वन विकास निगम के उपाध्यक्ष सत्येंद्र भूषष सिंह की नियुक्ति कर दी गई है।
वहीं नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने भोपाल, इंदौर, उज्जैन, देवास सहित अन्य विकास प्राधिकरणें में नियुक्त किए गए अशासकीय सदस्यों की नियुक्ति निरस्त कर दी गयी है। मोहन सरकार के गठन के बाद से शिवराज सरकार के समय निगम, मंडल और प्राधिकरणों में हुई राजनीतिक नियुक्तियों को निरस्त कर दी गयी है। । सामान्यत जब भी नई सरकार बनती है तो पिछली सरकार की राजनीतिक नियुक्तियों को निरस्त कर नए सिरे से जमावट करती है।
छत्तीसगढ़ और राजस्थान में एक आदेश से ऐसी सभी नियुक्तियां निरस्त की जा चुकी हैं लेकिन वहां परिस्थिति अलग है। दोनों राज्यों में कांग्रेस की सरकार थी और उनके द्वारा ही नियुक्तियां की गई थीं। मध्य प्रदेश में भाजपा की शिवराज सरकार ने नियुक्तियां की थीं। सूत्रों का कहना है कि पार्टी संगठन से विचार-विमर्श करने के बाद सभी निगम, मंडल और प्राधिकरणों की राजनीतिक नियुक्तियों को निरस्त करने का निर्णय कर संबंधित विभागों को आगामी कार्रवाई करने के लिए निर्देशित कर दिया गया है। तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग ने मंगलवार को इसकी शुरुआत भी कर दी।