स्वामी विवेकानंद का जीवन, दर्शन युवाओं के लिए प्रेरणादायक : श्री मंगुभाई पटेल
राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि स्वामी विवेकानंद जी के जीवन चरित्र और उनके दर्शन का अध्ययन युवा अनिर्वाय रूप से करें। उनके जीवन और आदर्शों को याद करें, उन्हें समझें और उनसे प्रेरणा लेकर स्वयं और देश के उत्थान के लिए कार्य करे। सभी युवा अपने सामर्थ्य, क्षमता, ऊर्जा और ओज को राष्ट्र निर्माण में लगाए। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों को विद्यार्थियों को स्वामी विवेकानंद जी और अन्य महापुरुषों के आदर्शों की जानकारी देना चाहिए। युवाओं को आगे आकर काम करने के लिए प्रेरित करना चाहिए।
राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि स्वामी जी अद्भुत और बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। वे धर्म, दर्शन, इतिहास, कला, संगीत, साहित्य और खेल में विद्वान थे। इसीलिए उनके गुरु श्री रामकृष्ण परमहंस ने उन्हें सम्पूर्ण पुरुष कहा था। श्री पटेल यूथ फॉर नेशन के मध्यप्रदेश चेप्टर के शुभारंभ अवसर को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर उन्होंने ओजस्विता के प्रतीक स्वामी जी को उनके जन्मदिवस पर नमन किया।
राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने युवाओं से आह्वान किया कि अपने नवाचार और विचारों से देश के भविष्य निर्माण में योगदान के लिए आगे आए। अपने गौरवशाली अतीत और वैभवशाली भविष्य की मज़बूत कड़ी के रूप में काम करे। भारत दुनिया का सर्वाधिक युवा देश है। युवा देश का भविष्य है, देश के चहुँमुखी विकास और देश को विश्व गुरु बनाने का दारोमदार युवाओं पर है।
युवा नियमित रूप से करे योग
राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की शुरुआत हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि सशक्त राष्ट्र की पहली ज़रूरत सशक्त युवा है। जब सपने बड़े होते हैं तो मेहनत भी कड़ी होना चाहिए। युवा नियमित रूप से कसरत, योग और ध्यान करें। पौष्टिक भोजन लें, मोटे अनाजों को आहार में शामिल करें, अच्छी नींद, पर्याप्त पानी और भरपूर व्यायाम स्वस्थ रहने के मूल मंत्र है। युवा तंदुरूस्त होंगे तब ही भारत स्वस्थ देश कहलाएगा। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा की आगामी 25 साल युवाओं के सामर्थ्य और क्षमता का परीक्षण काल है। सभी युवा स्वामी विवेकानन्द जी के "उठो जागो और अपने लक्ष्य प्राप्ति तक रुको नहीं.." विचार को अपने जीवन में उतारे।