चांद पर आया भूकंप
नई दिल्ली. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के चंद्रयान-3 मिशन के तहत चांद पर पहुंचा विक्रम लैंडर लगातार नई-नई खोज कर रहा है। चंद्रमा की सतह पर नए-नए प्रयोग कर रहे विक्रम लैंडर ने अब चांद पर प्राकृतिक कंपन या हलचल की गतिविधि को रिकॉर्ड किया है। ISRO ने गुरुवार को सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि विक्रम लैंडर पर ऐसे उपकरण लगाए गए हैं, जो सतह पर होने वाली कंपन की गतिविधि को रिकॉर्ड करने में सक्षम हैं। इन उपकरणों ने ही गुरुवार को चंद्रमा की सतह पर सिस्मिक एक्टिविटी का पता लगया है। दरअसल, यह उपकरण प्रज्ञान रोवर और दूसरे पेलोड्स में हुई गतिविधियों को रिकॉर्ड करने में कामयाब रहे हैं।
रोवर और पेलोड में कंपन रिकॉर्ड किया
इसरो ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा,’चांद पर सिस्मिक एक्टिविटी का पता लगाने के लिए भेजे गए पहले माइक्रो इलेक्ट्रो मैकेनिकल सिस्टम (MEMS) बेस्ड उपकरण इंस्ट्रूमेंट फॉर द लूनर सिस्मिक एक्टिविटी (ILSA) पेलोड ने चांद की सतह पर रोवर और दूसरे पेलोड में कंपन रिकॉर्ड किया है।
ILSA ने लगाया चांद पर कंपन का पता
उपकरण ने 26 अगस्त को यह घटना रिकॉर्ड की है, जो स्वाभाविक प्रतीत हो रही है। हालांकि, ISRO ने यह भी कहा कि इस घटना के स्रोत की जांच की जा रही है। इसरो के मुताबिक ILSA का उद्देश्य प्राकृतिक भूकंपों, उसके प्रभावों और कृत्रिम घटनाओं के चलते सतह पर होने वाले कंपन को मापना है।