क्या ITR फाइल करने की बढ़ेगी डेट, टैक्सपेयर्स को मिलेगी राहत, या भरना होगा बिलेटेड आईटीआर, कितनी लगेगी पेनाल्टी

नई दिल्ली. आईटीआर भरने (ITR Filing) की डेडलाइन 31 जुलाई को खत्म हो गई है. आईटीआर कानून, 1961 के मुताबिक अगर कोई टैक्सपेयर्स सही समय पर आईटीआर नहीं भरता है तो उसके 5,000 रुपये का जुर्माना देना पड़ सकता है. अगर किसी टैक्सपेयर्स की सालाना टैक्सेबल इनकम पांच लाख रुपये से कम है तो उसे 1,000 रुपये का फाइन देना पड़ेगा. लेकिन अंतिम क्षणों में आईटीआर भरने वालों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. कुछ राज्यों में बारिश और बाढ़ के कारण टैक्सपेयर्स को समय पर टैक्स भरने में दिक्कत आई. जिसके चलते नेटिज़न्स लगातार आयकर विभाग से इसे बढ़ाने का आग्रह कर रहे हैं.

आयकर आधिकारिक पोर्टल पर अपना रिटर्न दाखिल करने का प्रयास करते समय उपयोगकर्ताओं को या तो लॉगिन समस्याओं या यूटिलिटी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. कई करदाताओं को अपना आईटीआर दाखिल करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. पिछले कुछ दिनों से ट्विटर पर हैशटैग “एक्सटेंड आईटीआर डेडलाइन” ट्रेंड कर रहा है.

पिछले हफ्ते भारत के राजस्व सचिव संजय मल्होत्रा ने कहा था कि आयकर रिटर्न दाखिल करने के लिए डेट को आगे बढ़ाने की संभावना नहीं है. हालांकि आईटीआर की समय सीमा बढ़ाने के मामले पर केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है. जो भी करदाता आईटीआर दाखिल करने की समय सीमा से चूक गए हैं उनके पास विलंबित आईटीआर फाइल करने का विकल्प है.

विलंबित आईटीआर फाइलिंग
आईटीआर ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से दाखिल किया जा सकता है. आईटीआर दाखिल न करने या देर से दाखिल करने पर 5,000 रुपये तक का जुर्माना लग सकता है. यदि आप दाखिल करने की 31 जुलाई की समय सीमा चूक गए हैं, तो भी आप विलंबित आईटीआर दाखिल कर सकते हैं. विलंबित आईटीआर दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर है. उपरोक्त दंड का भुगतान करके, आप अभी भी वित्तीय वर्ष 2022-2023 (आकलन वर्ष 2023-24) के लिए अपना विलंबित आईटीआर दाखिल कर सकते हैं.