फिनलैंड ने कैसे लोगों के जरूरत से ज्यादा धन के लालच को खत्म कर दिया
स्कैन्डीनेविया या नॉर्डिक देशों को दुनिया के सबसे ज्यादा खुशहाल देशों में गिना जाता है. इसमें सबसे प्रमुख फिनलैंड है. यहां की सरकार अन्य नॉर्डिक देशों की तरह ही लोककल्याणकारी कार्यक्रमों पर ज्यादा काम करती है. यहां कोई भी व्यक्ति बेघर नहीं है. सरकार हर एक व्यक्ति को काम देने के लिए खुद मदद करती है. लोगों का मिजाज भी यहां शांत स्वभाव का है और इसके साथ ही यहां का प्राकृतिक माहौल भी घूमने फिरने के लिए बहुत अच्छा है, ऐसे अनुकूल हालात में लोगों के लालची होने की संभावना बढ़ जाती है, लेकिन फिनलैंड में इसे रोकने के लिए भी प्रयास किए जाते हैं.
लालच की संभावना
ऐसा नहीं है कि इस देश में किसी तरह की चुनौतियां नहीं हैं. यहां के ऊंचे पर्वत हैं. मौसम हमेशा इंसानों के लिए अनुकूल नहीं होता है, सर्दियां बर्फीली और थोड़ी कष्टकारी होती हैं, लेकिन इस मौसम से बचने के लिए सभी के लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं भी हैं. पिछली कुछ सदियों ने इस देश ने खुद को विकसित देशों की श्रेणी में रखने में सफलता पाई है. लेकिन खुशहाली के साथ लोगों में लालच पैदा होने की संभावना भी होती है.
लालच एक खतरा भी
यहां शुक्रवार को शराब की खपत बहुत ज्यादा होती है. लोग एक दूसरे के मामलों से दूर रहते हैं, खुद में ही मस्त रहना ज्यादा पसंद करते हैं. यहां की शिक्षा व्यवस्था दुनिया की शीर्ष में गिनी जाती है. लेकिन फिनलैंड में शराब के कारण मौतें भी कम नहीं होती हैं. फिर भी यहां लोगों को लालच सेदूर रखने के लिए विशेष प्रयास किए जाते हैं.
लालच के प्रति नजरिया
सबसे पहले यहां की शिक्षा व्यवस्था में ही बच्चों को लालच के बारे में बताया जाता है कि लालच क्या है और वह कितना अनुपयोगी और हानिकारक है. आप मरने के बाद अपने साथ कुछ ले नहीं जा सकते है. यहां तक कि टीवी या फिल्मों में भी लालची लोगों को खास तौर पर ना पसंद किया जाता है. लालची लोगों को यहां तिरस्कार के नजरिए देखा जाता है जो कि कला के क्षेत्र में भी दिखाई देता है.
समाज में ही है एक व्यवस्था
यहां की लाइफ स्टाइल बेशक दुनिया के लोगों को लालच की ओर आकर्षित करने वाली लगे और यहां लोग इस तरह से प्रभावित हो भी जाते हैं, लेकिन समाज की संस्कृति और लोगों की सोच संयम और संतुलन को प्रोत्साहित करने वाली है. यहां जैसे ही लोगों में लालच की वजह से किसी तरह की समस्याएं आती है तो ना केवल लोग उन्हें तिरस्कार के नजरिए से देखते हैं, बल्कि लोगों का भी रोजगार छिनने जैसी समस्या हो सकती है.
दिखावे से दूर?
इसके अलावा यहां सामाजिक और सरकारी तौर पर भी समानता पर बहुत ज्यादा जोर दिया जाता है. किसी के पास ज्यादा पैसा दूसरों के लिए प्रेरणा का कारण नहीं माना जाता है. लोग दिखावा ना तो करते हैं और ना ही देखना पसंद करते हैं. यहां कि कहानियों तक में लालच को अच्छा नहीं दिखाया गया है और ज्यादा होने का अर्थ ही दूसरों की मदद करने के लिए होना माना जाता है