जनता के आवेदनों पर कार्यवाही में देर करने वाले हुए दंडित

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा समाधान ऑनलाइन में हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने विभिन्न जिलों के आवेदकों की लंबित समस्याओं का ऑनलाइन समाधान करवाया। मुख्यमंत्री ने श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले विभागों, जिलों और सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों का शत-प्रतिशत निराकरण करने वाले अधिकारियों को बधाई दी।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने विभिन्न प्रकरणों में विलंब के दोषी एक विकासखंड चिकित्सा अधिकारी की वेतनवृद्धि रोकने, एक पटवारी के निलंबन, एक प्रकरण में विभागीय जाँच, दो तहसीलदार की एक-एक वेतनवृद्धि रोकने और एक प्राचार्य को कारण बताओ नोटिस देने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सीधी जिले की आवेदिका नीतू पटेल द्वारा मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना में सहायता राशि प्राप्त न होने की शिकायत पर आवेदिका को 51 हजार रूपए की राशि का भुगतान करवाया है। जनपद कार्यालय सीधी को भविष्य में ऐसे प्रकरणों में तत्काल सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए गए। इसी तरह के एक अन्य प्रकरण में उमरिया जिले के श्री पुरूषोत्तम सिंह के आवेदन पर भी आवश्यक कार्यवाही करते हुए सहायता राशि का भुगतान करवाया गया। सिंगरौली जिले के आवेदक श्री बृजेश की शिकायत पर भी समाधान की कार्यवाही की गई। इस प्रकरण में सीएम हेल्पलाइन में दर्ज प्रकरण का निराकरण करने वाले अधिकारी द्वारा मोबाइल नंबर परिवर्तित कर दिए जाने से विलंब हुआ था। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि आवेदनों के निराकरण के लिए दायित्व निभा रहे अधिकारियों द्वारा मोबाइल नंबर बदलने की सुविधा का दुरूपयोग न किया जाए।

समाधान ऑनलाइन में उमरिया जिले के श्री नवीन नथिक द्वारा पत्नी बबीता को प्रसूति सहायता राशि के भुगतान में विलंब की शिकायत पर राशि का भुगतान करवाया गया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इस प्रकरण में विकासखंड चिकित्सा अधिकारी की एक वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश दिए। दोषी सिद्ध ए.एन.एम. को पद से पृथक करने और सुपरवाईजर को निलंबित करने की कार्यवाही भी पहले की जा चुकी है। रीवा जिले के श्री रोहित पांडे द्वारा ग्राम पैपखरा में नल-जल योजना से पानी न मिलने की शिकायत पर कार्यवाही करते हुए सुचारू जल प्रदाय करवाया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने नल-जल योजनाओं से संबंधित तकनीकी खराबियों को समय पर सुधारने के निर्देश दिए। उन्होंने जनता की सुविधा से जुड़े ऐसे कार्यों में लापरवाही के लिए दोषी अधिकारी-कर्मचारी को दंडित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने मुख्य अभियंता स्तर के अधिकारी से तीन दिन में जाँच करवा कर अवगत कराने के निर्देश दिए।