रोहित-विराट से बच गए तो भी दिल्ली में नहीं आएगी ऑस्ट्रेलिया को सांस, 2 साल का प्लान निकालेगा कंगारूओं की जान!

नई दिल्ली. भारत ने नागपुर में हुए बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के पहले टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया को 3 दिन में ही धूल चटा दी थी. इस टेस्ट में रोहित शर्मा की शतकीय पारी को छोड़ दें तो टॉप ऑर्डर का कोई भी बैटर बड़ी पारी नहीं खेल पाया था. लोअर ऑर्डर में रवींद्र जडेजा, अक्षर पटेल और मोहम्मद शमी ने अहम पारियां खेली थीं और यही मैच में निर्णायक साबित हुईं. क्योंकि भारत ने ऑस्ट्रेलिया के 177 रन के जवाब में पहली पारी में 400 रन बनाए थे. इसमें से जडेजा, अक्षर और शमी ने मिलकर कुल 191 रन जोड़े थे. अगर ये पुछल्ले बल्लेबाज नहीं चलते तो शायद मैच का नतीजा कुछ और भी हो सकता था.

भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच नागपुर में हुए पहले टेस्ट में रवींद्र जडेजा और अक्षर पटेल के बीच 8वें विकेट के लिए 88 रन की पार्टनरशिप हुई थी. 2021 की शुरुआत के बाद से घरेलू टेस्ट में, यह सातवें विकेट या उससे नीचे के लिए भारत की 50 या उससे अधिक रन की 11वीं साझेदारी थी. इसके बाद अक्षर और मोहम्मद शमी ने नौवें विकेट के लिए 52 रन जोड़े और 12वीं बार भारत के निचले क्रम के बल्लेबाजों ने घरेलू टेस्ट में 50 या उससे अधिक रन की साझेदारी की. यही वजह है कि भारतीय टीम को बीते एक दशक में घर में टेस्ट हराना मुश्किल साबित हुआ है.

भारत के पुछल्ले बल्लेबाजों का पावर
इस अवधि में किसी भी अन्य टीम ने घरेलू टेस्ट में भारत के लोअर ऑर्डर बल्लेबाजों जितनी 50 या उससे अधिक रन की पार्टनरशिप नहीं की. इंग्लैंड और पाकिस्तान के पुछल्ले बल्लेबाजों ने इस अवधि में 8-8 बार ऐसा किया है. लेकिन ये दोनों टीमें इस मामले में भारत से काफी पीछे हैं. 50 या उससे अधिक रन की जो 12 साझेदारी भारतीय पुछल्ले बल्लेबाजों ने 2021 के बाद से घेरलू टेस्ट में की है, उसमें से 4 बार ये साझेदारी 100 रन के पार भी पहुंचीं है. सिर्फ श्रीलंका ही ऐसी टीम ने जिसने इस अवधि में घरेलू टेस्ट में 2 बार ऐसा किया है. इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि घर में क्यों भारतीय टीम को हराना लगभग नामुमकिन है.
घर में क्यों मजबूत है टीम इंडिया?
टीम इंडिया के लोअर ऑर्डर बल्लेबाजों के बारे में सबसे अच्छी बात ये है कि उनकी 4 में से एक साझेदारी 50 या उससे अधिक रन की हो रही है. जोकि टेस्ट की नंबर-1 टीम ऑस्ट्रेलिया से बेहतर है. इस मामले में न्यूजीलैंड दूसरे स्थान पर है. उसके निचले क्रम के बैटर घरेलू टेस्ट में हर 7 में से एक साझेदारी 50 या उससे अधिक रन की कर पा रहे हैं.