MP के अधिकारियों को दिया केंद्रीय तिथि से महंगाई भत्ता, राज्य के कर्मचारियों को छोड़ा
भोपाल. राज्य सरकार ने अखिल भारतीय सेवाओं के अफसरों को भी महंगाई भत्ता देने की घोषणा कर दी है। खास बात यह है कि इन अफसरों को केंद्रीय तिथि से महंगाई भत्ता देने के आदेश हुए हैं। इससे प्रदेश के साढ़े सात लाख से अधिक कर्मचारियों को तगड़ा झटका लगा है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि एक प्रदेश में दो प्रकार के आदेश देकर सरकार ने कर्मचारियों के साथ भेदभाव किया है।
राज्य सरकार ने केंद्र सरकार के कर्मचारियों की ही तरह महंगाई भत्ता देने के वादे किए थे। अगस्त 2022 में ही राज्य सरकार ने केंद्र के समान महंगाई भत्ता तो कर दिया, लेकिन केंद्रीय तिथि 1 जनवरी 2022 से न करते हुए कई माह बाद अगस्त 2022 से इसे लागू करने के आदेश दिए। कर्मचारियों को यह महंगाई भत्ता सितंबर के वेतन में जुड़कर मिलेगा। इस प्रकार कर्मचारियों को 8 माह का नुकसान उठाना पड़ा है। इस प्रकार कुल कर्मचारियों के वेतन में से सरकार ने 600 करोड़ रुपए से अधिक की राशि बचा ली। आइएएस, आइपीएस, और आईएफएस को जो महंगाई भत्ता मिल रहा था, उसे केंद्रीय तिथि से देने के आदेश कर दिए गए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग ने अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारियों को जुलाई 2021 से 31 फीसदी और जनवरी 2022 से 34 फीसदी महंगाई भत्ता देने के आदेश दिए हैं। यह महंगाई भत्ता अखिल भारतीय सेवाओं के अफसरों को नकद दिया जाएगा।