सारथी और एएनएम ब्लैक लिस्टेड और सस्पेंड भी, इंजीनियर कर रहे ठेकेदारों के साथ पार्टनरशिप से गुणवत्ता हो रही खराब


धार. कारम डैम के लीक होने की खबर से बड़ा संकट खड़ा हो गया था। हालांकि प्रशासन ने हालात को बेहतर तरीके से संभाला है। इस सारी कहानी के तह तक जाने पर पता चला है कि इंजीनियर और ठेकेदार आपस पार्टनर है इसलिये डैमों की गुणवत्ता खराब हो रही है। इस सारे मामले में दतिया के सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता और तत्कालीन कार्यपालन यंत्री निर्माणकर्त्ता कंपनी के पार्टनर थे ज्यादा से ज्यादा कमीशन मिले इस डैम की गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दिये जाने की वजह से ही डैम लीकेज हुआ है। लेकिन कारम डैम की घटना के बाद शिवराज सरकार अलर्ट हो गयी है और प्रदेश के सभी बांधों की 24 घंटे मॉनीटरिंग की जा रही है।
मप्र के जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट ने बांधों में जलभराव की स्थिति की समीक्षा की। तुलसी सिलावट ने विभाग के अधिकारियों के साथ मंत्रालय में बैठक की और बांधों के जल भराव और अलग-अलग जलाश्यों के खोले गये गेटों की स्थिति पर चचा्र की। बैठक में अपरमुख्य सचिव एसएन मिश्रा के कई सीनियर अधिकारी भी बैठक में मौजूद रहें। 19 से 23 अगस्त के बीच भारी वर्षा के अलर्ट को देखते हुए बांधों में पानी के जलस्तर की समीक्षा की गयी है।
एएनएम और सारथी कंस्ट्रक्शन ब्लैक लिस्टेड और सस्पेंड भी
आपको बता दें कि कारम डैम की घटना के बाद सरकार अलर्ट मोड में आ गयी है और साथ ही सरकार ने कारम डैम के निर्माण से जुड़ी दो कंपनियों एएनएम कंस्ट्रक्शन और सारथी कंस्ट्रक्शन को ब्लैक लिस्टेड कर दिया और साथ ही दोनों कंपनियों को नोटिस के साथ ही रजिस्ट्रेशन भी सस्पेंड कर दिया है।
धार जिले के भारूड़पुरा तहसील के कोठीदा गांव में कारम नदी पर बने डैम में पिछले दिनों लीकेज हुई थी। इसके चलते डैम के आसपास के कई गांवों के डूबने का खबरा पैदा हो गया था। प्रशासन ने खतरे को देखते हुए लगभग 18 गांवों को खाली करा लिया था। सेना और एनडीआरएफ की टीमों की तैनाती कर दी गयी थी। सीएम भी लगातार बांध के हालात की मॉनीटरिंग कर रहे थे। हालांकि प्रशासन के प्रयासों में बड़ा हादसा टल गया और बांध्उा के समानान्तर रास्ता बनाकर पानी को निकाल लिया गया था। जिससे जान-माल का नुकसान नहीं हुआ।