स्कूल शिक्षा विभाग की नवीन स्थानांतरण नीति को मंजूरी
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज मंत्रालय में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग की विशिष्ट परिस्थितियों से जनित आवश्यकताओं के दृष्टिगत विभागीय नवीन स्थानांतरण नीति को मंजूरी दी गई। नवीन स्थानांतरण नीति सत्र 2023-24 से प्रभावी होगी। सभी संवर्गों के लिए स्थानांतरण प्रक्रिया 31 मार्च से 15 मई के मध्य पूरी कर ली जाएगी। पोर्टल से ऑनलाइन आवेदन करना अनिवार्य होगा। स्वैच्छिक स्थानांतरण भी ऑनलाइन ही होंगे। रिलीविंग और ज्वाइनिंग की कार्यवाही ऑनलाइन होगी। एक बार स्वैच्छिक स्थानांतरण होने के बाद विशेष परिस्थिति छोड़ कर 3 वर्ष तक स्थानांतरण नहीं किया जा सकेगा। सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई शाला शिक्षक विहीन न हो।
नवीन स्थानांतरण नीति में पहले प्रशासनिक स्थानांतरण और फिर स्वैच्छिक स्थानांतरण को प्राथमिकता दी जाएगी। नवीन नियुक्त शिक्षकों को ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालयों में कम से कम 3 वर्ष और अपने संपूर्ण सेवाकाल के न्यूनतम 10 वर्ष कार्य करना होगा। दस वर्ष या इससे अधिक अवधि से एक संस्था विशेषकर शहरी क्षेत्रों में पदस्थ शिक्षकों को ग्रामीण क्षेत्रों की शिक्षक विहीन अथवा शिक्षकों की कमी वाले विद्यालयों में पदस्थ किया जाएगा। ऐसे शिक्षक जिनकी सेवानिवृत्ति 3 वर्ष शेष है अथवा गंभीर बीमारी या विकलांगता से पीड़ित है, उन्हें इस प्रक्रिया से मुक्त रखा जायेगा। स्थानांतरण में वरीयता क्रम निर्धारित किया गया है। शिक्षकों को निर्वाचित जन-प्रतिनिधियों की निजी पदस्थापना में पदस्थ नहीं किया जाएगा। उत्कृष्ट स्कूल, मॉडल स्कूल और सी.एम राईज स्कूलों में स्वैच्छिक स्थानांतरण नहीं होंगे। प्राचार्य/सहायक संचालक या उससे वरिष्ठ पदों के स्वैच्छिक स्थानांतरण आवेदन ऑनलाइन लिए जाएंगे। उनका निराकरण ऑफ लाइन भी किया जा सकेगा। प्रथम श्रेणी अधिकारियों के स्थानांतरण समन्वय में मुख्यमंत्री के अनुमोदन से किए जाएंगे।
नक्सल क्षेत्रों में पदस्थ अमले के लिए विशेष भत्ता स्वीकृत
मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश के नक्सल क्षेत्रों में पदस्थ विशेष आसूचना शाखा (SIB) के पुलिस कर्मियों को मासिक रूप से नक्सल विरोधी विशेष भत्ता तथा विशेष आसूचना शाखा (SIB) में नक्सल क्षेत्र में कार्यरत रहने की अवधि अनुसार आ-सूचना विशेष भत्ता आदेश जारी होने के दिनांक से स्वीकृत किया गया। आरक्षक को 19 हज़ार, प्रधान आरक्षक और सहायक उप निरीक्षक को 25 हजार, उप निरीक्षक को 34 हज़ार और निरीक्षक को 38 हजार रूपये प्रतिमाह नक्सल विरोधी विशेष भत्ता दिया जायेगा। भत्ता स्वीकृति पर प्रतिवर्ष 1 करोड 4 लाख 88 हजार रूपये का वार्षिक वित्तीय भार संभावित है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में SIB हेतु विभिन्न संवर्ग के स्वीकृत 58 पदों में से वर्तमान में पदस्थ 33 शासकीय सेवकों को "नक्सल विरोधी विशेष भत्ते के रूप में प्रतिवर्ष 91 लाख 80 हजार रुपये तथा "आ-सूचना विशेष भत्ते" के रूप में प्रतिवर्ष 13 लाख 8 हजार रुपये इस प्रकार कुल 104 लाख 88 हजार रूपये की राशि देय होगी। इससे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पदस्थ SIB के शासकीय सेवकों का मनोबल बढ़ेगा तथा नक्सलियों की गतिविधियों का सटीक ऑकलन कर बेहतर नक्सल विरोधी ऑपरेशन हो सकेंगे।
मंत्रि-परिषद ने नक्सल विरोधी अभियान में हॉक फोर्स के पुलिसकर्मियों को पूर्व से स्वीकृत "नक्सलाइट ऑपरेशन रिस्क अलाउन्स" मासिक रूप से दिये जाने के साथ अतिरिक्त रूप से नक्सल विरोधी विशेष भत्ता तथा हॉक फोर्स में कार्यरत रहने की अवधि अनुसार "हॉकफोर्स भत्ता" स्वीकृत किया। हॉक फोर्स के पुलिसकर्मियों को हॉक फोर्स भत्ता प्रतिनियुक्ति की अवधि के हिसाब से देय होगा। इसके अनुसार 12 से 24 माह तक का कार्यकाल पूरा करने वाले पुलिसकर्मियों को एक हजार रूपये प्रतिमाह, 24 से 36 माह तक का कार्यकाल पूरा करने वाले को 2 हजार रूपये प्रतिमाह, 36 से 48 माह तक का कार्यकाल पूरा करने वाले को 3 हजार रूपये प्रति माह और 48 से 60 माह तक का कार्यकाल पूरा करने वाले पुलिसकर्मियों को 4 हज़ार रूपये प्रति माह भत्ता दिया जाएगा। अतिरिक्त नक्सल विरोधी विशेष भत्ता पर 18 करोड़ 77 लाख 80 हजार और हॉक फोर्स भत्ते पर 5 करोड़ 35 लाख 89 हजार रूपये इस प्रकार कुल 23 करोड़ 73 लाख 69 हज़ार रूपये का व्यय भार आयेगा। इससे हॉक फोर्स में वर्तमान में कार्यरत 1045 पुलिसकर्मियों को प्रतिवर्ष 9 करोड़ 78 लाख रूपये के स्थान पर प्रतिवर्ष लगभग 33 करोड़ 15 लाख रूपये के अलाउन्स/भत्ते प्राप्त होंगे। इससे नक्सल क्षेत्रों में कर्त्तव्यस्थ पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ेगा तथा नक्सल विरोधी ऑपरेशन बेहतर ढंग से क्रियांवित होंगे।