MP में जनपद अध्यक्ष चुनाव में बवाल, उज्जैन में तोड़फोड़, सागर-बड़वानी में लाठीचार्ज
भोपाल. मध्यप्रदेश में बुधवार को पहले चरण में 170 जनपद पंचायतों के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष चुने गए। बीजेपी का दावा है कि 121 जनपदों में बीजेपी समर्थित कैंडिडेट अध्यक्ष पद पर चुने गए हैं। वहीं 43 जनपद पंचायताें में कांग्रेस समर्थित कैंडिडेट अध्यक्ष बने हैं। बीजेपी समर्थितों की जीत पर प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष वीडी शर्मा ने सीएम शिवराज सिंह को बधाई दी है। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा जनपद पंचायतों में बीजेपी को अपार सफलता मिली है। अब गांव में इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार करने पर हमारा फोकस रहेगा। सड़क, स्कूल, आंगनवाड़ी, बाजारों का विकास किया जाएगा। गुरुवार को भी बाकी की जनपद पंचायतों में अध्यक्ष-उपाध्यक्ष के चुनाव होंगे। जनपद पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्षों के चुनाव के दौरान कई जगहों पर जमकर बवाल हुआ। उज्जैन में अध्यक्ष पद पर कांग्रेस का कब्जा होने के बाद गुस्साए भाजपाइयों ने जनपद में घुसकर तोड़फोड़ की। उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव ने एडीएम को खरी-खोटी सुनाते हुए आग लग जाने तक की धमकी दे डाली। बड़वानी के सेंधवा में कांग्रेस और BJP समर्थकों के बीच इस कदर गदर मची कि पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। सागर के रहली में भी हंगामे के बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।
उज्जैन में प्रॉक्सी वोट डालने को लेकर विवाद
उज्जैन जनपद पंचायत में कांग्रेस का अध्यक्ष बनते ही भाजपाई आक्रोशित हो गए। कांग्रेस को 12 तो भाजपा को 9 सदस्यों ने अपना मत दिया। भाजपा के 4 सदस्य मतदान के लिए नहीं आ सके। ऐसी स्थिति में भाजपा की ओर से 8 प्रॉक्सी वोट डालने के लिए प्रतिनिधियों को भेजा गया था। इसको लेकर कांग्रेस की आपत्ति थी, कांग्रेस ने कहा – प्रॉक्सी वोट परिवार का सदस्य डाल सकता है। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में विवाद की स्थिति बनी और नारेबाजी शुरू हो गई। उज्जैन कलेक्टर निर्वाचन प्रक्रिया को देखने पहुंचे तो महेश परमार और कलेक्टर के बीच विवाद हो गया। जनपद पंचायत चुनाव वोटिंग के दौरान जमकर हंगामा हुआ। उज्जैन कलेक्टर आशीष सिंह और विधायक महेश परमार के बीच तकरार इतनी बढ़ गई की पुलिस को बीच-बचाव करना पड़ा।
मंत्री ने दी आग लग जाने की धमकी
भाजपा के उम्मीदवार की हार की सूचना मिलते ही उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव समर्थकों के साथ जनपद पंचायत पहुंचे। हार के बाद उत्तेजित कार्यकर्ताओं ने जनपद के बाहर लगे बेरिकेड्स तोड़ दिए और तोड़फोड़ कर दी। इस बीच मंत्री मोहन यादव ने एडीएम को बीजेपी की हार पर खरी खोटी सुनाई और भाजपा के चार सदस्यों को वोट डालने की बात पर अड़ गए और उन्होंने एडीएम को आग लगाने की धमकी दे दी। इसके बाद मंत्री अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गए। मंत्री मोहन यादव ने कहा की निर्वाचन में भारी चूक हुई है। भाजपा के पास 13 वोटर होने के बाद भी हार गई, उन्हें वोट नहीं डालने दिया गया। जंगल राज जैसा काम कर रहे हैं।