माफिया ने चंबल नदी-सोनचिरैया अभयारण्य से 4 करोड़ का फर्शी-पत्थर और रेत निकाला
ग्वालियर. जंगल के रखवाले वनाें की सुरक्षा के दावे ही करते रहे और माफिया ने चंबल नदी (अभयारण्य), सोनचिरैया अभयारण्य एवं आरक्षित जंगलों से 31478.43 घन मीटर वन संपदा निकालकर बाजार में बेच दी। इसकी कीमत करीब 4 करोड़ रुपए है। यह खुलासा उत्खनन की शिकायताें के बाद बनाए गए उड़नदस्ते की जांच में हुआ है। वन संरक्षक कार्यालय से इस मामले में मुरैना के तत्कालीन डीएफओ अमित बसंत निकम, एसडीओ देवेंद्र सिंह, रेंजर दीपांकर सिंह सहित डिप्टी रेंजर, वनरक्षक को आरोप पत्र दिया है।
इधर सोनचिरैया अभयारण्य के डांडाखिरक और जखौदी में मिले अवैध फर्शी पत्थर उत्खनन पर वन रक्षक, डिप्टी रेंजर और रेंजर को आरोप पत्र भेजा गया है। विभागीय जांच में दोषी पाए जाने पर उक्त अफसर और स्टाफ के वेतन से राशि की कटौती की जाएगी। अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक विश्राम सागर शर्मा ने बताया कि जांच उपरांत टीम ने फर्शी पत्थर और चंबल नदी से निकाली गई रेत की कीमत 3,99,72,148 रुपए आंकी है।
उत्खनन के लिए कर डाली जंगल की सफाई
सोनचिरैया अभयारण्य क्षेत्र की जखौदी बीट में 11 नए गड्ढों के लिए जंगल की सफाई जेसीबी से हुई। इस दौरान पेड़ कटे और जंगल की मिट्टी आदि मटेरियल को नुकसान पहुंचा। यह करीब 992.75 घनमीटर बताया जा रहा है।
माफिया ने यहां कर डाला खनन
मुरैना-श्योपुर: चंबल नदी में श्योपुर-सबलगढ़ के बीच के घाटों से रेत का अवैध उत्खनन हुआ। ये उत्खनन बड़ोदिया घाट, राजौरारुडी घाट, दांतरदा ऊंचाखेड़ा घाट, खिरखिरी घाट, बरोली घाट, नदी गांव (काऊ का पुरा) घाट, नदी गांव घाट, बरोली रिजेटा घाट, मंडू की सांड (टापू) घाट पर वन विभाग के स्टाफ की मिली भगत से अवैध रेत निकाली गई। मुरैना जिले की शनीचरा बीट और मवई बीट में अवैध उत्खनन वन कक्ष क्रमांक- पी-15,पी-16, 32,28 और 30 में हुआ।
ग्वालियर: सोनचिरैया अभयारण्य घाटीगांव की गेमरेंज में आने वाले डांडाखिरक वन कक्ष क्रमांक 434, 435 और 436 से अवैध फर्शी पत्थर निकाला गया। जखौदी के वन कक्ष क्रमांक 431 से 11 गड्ढों में नया उत्खनन मिला।