ग्वालियर महापौर के लिए दिग्गजों के बीच किसी तरह का तालमेल न होने से असमंजस की स्थिति

भोपाल. भारतीय जनता पार्टी में महापौर के टिकट के लिए सभी बड़े शहरों में मारा-मारी शुरू हो गई है। कुछ जगह एक अनार-सौ दावेदार जैसी स्थिति है तो कुछ सामान्य सीटों पर ओबीसी उम्मीदवार टिकट की दावेदारी कर रहे हैं। सामान्य सीट वाले इंदौर में ओबीसी के जीतू जिराती और मधु वर्मा टिकट की दौड़ में हैं तो भोपाल महिला ओबीसी के लिए सारे विधायक अपनी ओर से नाम आगे बढ़ा रहे हैं। ग्वालियर में भी दिग्गजों के बीच सहमति बनाना पार्टी के लिए चुनौती साबित हो रहा है।

पार्टी सूत्रों के मुताबिक राजधानी भोपाल के महापौर का टिकट अपने समर्थक को दिलाने के लिए विधायक सक्रिय हो गए हैं। नरेला विधायक और चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग की ओर से मालती राय का नाम आगे बढ़ाया जा रहा है। राय पहले पार्षद रह चुकी हैं। भाजपा महिला मोर्चा की उपाध्यक्ष भी रही हैं। इनके अलावा भाजपा की प्रवक्ता सहित प्रदेश मंत्री रही राजो मालवीय का नाम भी प्रबल दावेदारों में है।

मालवीय दुर्गावाहिनी की प्रदेश संयोजक रही हैं। पूर्व में 1999 में कांग्रेस की महापौर रही विभा पटेल से महापौर का चुनाव हार गई थीं। दावेदारों की कतार के बावजूद गोविंदपुरा विधायक कृष्णा गौर का नाम भी महापौर के दावेदारों में प्रमुखता से लिया जा रहा है। गौर पहले भी 2009 में भोपाल की महापौर रह चुकी हैं। मौजूदा दौर में गौर को जिताऊ उम्मीदवार माना जा रहा है।

इधर, सामान्य सीट इंदौर के लिए ओबीसी के नेता टिकट के लिए संगठन पर दबाव बना रहे हैं। राऊ विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे जीतू जिराती और इंदौर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष रहे मधु वर्मा भी टिकट की दौड़ में हैं। वहीं, सबसे मजबूत दावेदारों में विधायक रमेश मेंदोला हैं। जबलपुर में भी दावेदारों की सूची लंबी है। सामान्य पुरुष सीट होने के कारण यहां आशीष दुबे, कमलेश अग्रवाल, मनीष दुबे के अलावा पूर्व विधायक शरद जैन, हरेन्द्रजीत सिंह बब्बू भी टिकट की दौड़ में हैं। पूर्व महापौर प्रभात साहू भी चाहते हैं कि उन्हें एक मौका और मिले। ग्वालियर महापौर के लिए फिलहाल दिग्गजों के बीच किसी तरह का तालमेल न होने से असमंजस की स्थिति है।