आँगनवाड़ियों के लिए सामग्री एकत्रीकरण, जन-भागीदारी का अद्भुत प्रयोग रहा- मुख्यमंत्री श्री चौहान
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में कुपोषण की समस्या वर्षों से रही है। इस दिशा में निरंतर प्रयास भी किए जाते रहे हैं। परन्तु मेरा यह मानना है कि बिना समाज के सहयोग से प्रदेश में कुपोषण को दूर नहीं किया जा सकता है। प्रदेश के कई स्थानों पर गौरव दिवस का आयोजन प्रारंभ किया गया, जिसमें लोगों ने आँगनवाड़ी के लिए भी सामग्री दी। मैं स्वयं 24 मई को भोपाल में आँगनवाडियों के लिए सामग्री एकत्र करने के उद्देश्य से सड़कों पर निकला। कुल 800 मीटर की यात्रा में जनता की ओर से दस ट्रक सामग्री और 2 करोड़ रूपये के चेक प्रदान किए गए। कई लोगों ने आँगनवाड़ियों की जिम्मेदारी लेने का संकल्प लिया। यह जन-भागीदारी का अद्भुत प्रयोग रहा है। सामाजिक कार्यों और लोगों का जीवन स्तर उठाने में सहयोग के लिए सभी तत्पर हैं। हमें जन-कल्याणकारी योजनाओं और विकास गतिविधियों में जन-भागीदारी को अभियान का रूप देना होगा। किसान अनाज दें, लोग अपने जन्म-दिवस, वर्षगाँठ, परिजन के पुण्य-स्मरण में आँगनवाड़ियों की गतिविधियों में योगदान दें। जन-अभियान परिषद, दीनदयाल अंत्योदय समिति और सामाजिक संगठनों को जोड़ा जाए। मेरा यह विश्वास है कि जन-भागीदारी से एक साल में प्रदेश में कुपोषण समाप्त किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री श्री चौहान आज प्रातः 6:30 बजे रायसेन और नरसिंहपुर जिले की विकास गतिविधियों, जन-कल्याणकारी योजनाओं और कानून-व्यवस्था की स्थिति की वर्चुअल समीक्षा कर रहे थे। निवास कार्यालय से हुई बैठक में रायसेन जिले के प्रभारी एवं सहकारिता मंत्री श्री अरविंद सिंह भदौरिया, नरसिंहपुर के प्रभारी एवं वन मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह वर्चुअली जुड़े। रायसेन से स्वास्थ्य मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी, पूर्व मंत्री श्री रामपाल सिंह तथा कलेक्टर श्री अरविंद कुमार दुबे, नरसिंहपुर से पूर्व मंत्री श्री जालम सिंह पटेल, कलेक्टर श्री रोहित सिंह सहित दोनों जिलों के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी बैठक में वर्चुअली शामिल हुए।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने दोनों जिलों में पेयजल आपूर्ति की स्थिति, राशन वितरण, प्रधानमंत्री आवास योजना में जारी कार्यों, स्वास्थ्य व्यवस्था, आँगनवाड़ियों के संचालन, अमृत सरोवर योजना तथा कानून-व्यवस्था की स्थिति एवं अपराधियों और माफियाओं से भूमि मुक्त कराने के लिए जारी गतिविधियों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने जिलों में जारी नवाचार, एक जिला-एक उत्पाद में संचालित गतिविधियों, महिला स्व-सहायता समूह को प्रोत्साहित करने के लिए संचालित कार्यों और लाड़ली लक्ष्मी के मार्गदर्शन एवं कॅरियर काउंसलिंग के लिए स्थापित व्यवस्था की जानकारी भी प्राप्त की।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि समाज में सामाजिक समरसता, सौहार्द, सामंजस्य बनाए रखना जरूरी है। हमें विद्वेष फैलाने वालों और समुदायों को एक-दूसरे के विरुद्ध भड़काने वालों से सतर्क रहना होगा। यह जरूरी है कि प्रदेश में होने वाले स्थानीय निकाय चुनाव सौहार्द पूर्ण वातावरण में हो। जिले यह तय करें कि कुछ पंचायतों में सर्वसम्मति से प्रतिनिधि चुने जायें। ऐसी समरस पंचायतों के सभी पात्र निवासियों को गरीब कल्याण की योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने रायसेन जिले के मण्डीदीप में पेयजल समस्या की जानकारी प्राप्त होने पर तत्काल प्रमुख सचिव नगरीय विकास एवं आवास श्री मनीष सिंह को वर्चुअली बैठक में शामिल होने और पेयजल समस्या का तत्काल निराकरण करने के निर्देश दिए। इसी क्रम में प्रमुख सचिव ऊर्जा श्री संजय दुबे को वर्चुअल बैठक से जोड़ कर नरसिंहपुर जिले के जले हुए ट्रांसफार्मर को बदलने में हो रहे विलम्ब तथा बिजली बिल राहत योजना में लगे कैम्पों का पुन: आकलन कर बिजली सम्मेलन करने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि कैम्प केवल रस्म के तौर पर न लगाए जायें, यह सुनिश्चित करें कि लोगों की समस्याओं का समाधान हो और उन्हें राहत मिले। प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्री उमाकांत उमराव को नरसिंहपुर में निर्माणाधीन अमृत सरोवर के निर्माण में बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रधानमंत्री आवास योजना सहित ग्रामीण विकास एवं जन-कल्याण की योजनाओं में भ्रष्टाचार करने वालों और राशन वितरण में अनियमितता करने वालों पर सख्त कार्रवाई करने और आवश्यकता होने पर उन्हें सेवा से पृथक करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि भ्रष्टाचार के प्रति राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति है। दोषियों को ऐसा दण्ड दिया जाए कि वह उदाहरण बने और गरीब कल्याण की योजनाओं तथा गरीबों के लिए आ रहे राशन में गड़बड़ी करने से भयभीत हों। राशन की चोरी करने वालों को जेल भेजा जाए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि जो परिवार राशन नहीं ले रहे हैं, उनके नाम हटाकर जरूरतमंद लोगों के नाम जोड़े जायें। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि अमृत सरोवर, देश भक्ति के सरोवर हैं। आगामी 15 अगस्त और 26 जनवरी को यहाँ झण्डा-वंदन कार्यक्रम होंगे। इन सरोवरों को गरिमामय तरीके से विकसित किया जाए।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रात:कालीन समीक्षा-सत्र के संबंध में कहा कि हम सबके यह प्रयास प्रदेशवासियों को सुशासन देने के संकल्प का क्रियान्वयन है। समर्पित भाव से जन-कल्याण के अभियान में लगे रहने में ही जीवन की सार्थकता है। प्रदेश में गाँव, कस्बों, नगरों में गौरव दिवस का आयोजन, जन-जन को जन-कल्याण और विकास के कार्यों से जोड़ने के उद्देश्य से किया जा रहा है। नशामुक्ति, बेटी बचाओ, पर्यावरण-संरक्षण, स्वच्छता, स्वास्थ्य-शिक्षा और जरूरतमंदों की मदद में लगे व्यक्तियों की पहल को प्रोत्साहित कर सभी को एकजुट करना जरूरी है।