जीवाजी विश्वविद्यालय में सीयूईटी के माध्यम से होंगे स्नातक स्तरीय पाठ्यक्रमों में प्रवेश


ग्वालियर जीवाजी विश्वविद्यालय, द्वारा इस बार स्नातक स्तरीय पाठ्यक्रमों में सत्र 2022-23 में प्रवेश CUET (कामन यूनिवसिर्टी एंट्रेस टेस्ट) के माध्यम से दिया जायेगा। यह टेस्ट नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के माध्यम से लिया जाएगा जो कि नीट, नेट जैसे बड़ी प्रतियोगी परीक्षाएं सम्पन्न कराती है। इसके लिये छात्र-छात्राओं को अपने पसंदीदा कोसर् में एडमिशन के लिए आनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने होंगे। जिसकी अन्तिम तिथि 6 मई 2022 निधार्रित की गई है। उसमें देशभर के विश्वविद्यालयों की सूची में से अपने पसंदीदा विश्वविद्यालय के नाम भी भरने होंगे। उसके बाद एंट्रेस एग्जाम की तिथि आनलाइन ही बता दी जाएगी और उस निधार्रित तिथि पर सभी अभ्यथिर्यों को प्रवेश परीक्षा देनी होगी। परीक्षा में पास अभ्यथीर् को मेरिट के आधार पर उक्त कोसर् में प्रवेश मिल सकेगा। मेरिट के आधार पर ही अभ्यथीर् को देश के किसी भी विश्वविद्यालय में प्रवेश भी मिल सकेगा।

यह पहला मौका है जब सीयूईटी के माध्यम से जीवाजी विश्वविद्यालय में प्रवेश दिया जायेगा। इसके लिये मध्यप्रदेश के दो विश्वविद्यालयों का चयन किया गया है। जिनमें जीवाजी विश्वविद्यालय के साथ ही दूसरा विश्वविद्यालय देवी अहिल्या बाई विश्वविद्यालय, इन्दौर है।

सीयूईटी द्वारा प्रवेश परीक्षा से जीवाजी विश्वविद्यालय में प्रवेश का भारतीय वैश्वीकरण हो गया है। अथार्त इस परीक्षा के माध्यम से वो देश के किसी भी विश्वविद्यालय में अपने पसंदीदा कोर्स में प्रवेश ले सकेंगे। सभी विश्वविद्यालयों में प्रवेश के लिये अलग-अलग प्रवेश परीक्षा नहीं देनी होगी।
इस प्रवेश परीक्षा के माध्यम से जेयू की स्नातक कक्षाओं में ग्वालियर-चंबल सहित देशभर के छात्र- छात्राएँ भी इस प्रवेश परीक्षा की प्रक्रिया से जुड़ सकेंगे और जेयू में प्रवेश ले सकेंगे।
सीयूईटी के माध्यम से प्रवेश लेने वाले छात्रों के सबसे बड़ी सुविधा यह होगी कि वे जब, जिस सत्र में चाहें किसी विशेष पाठ्यक्रम में अध्ययन के लिए जेयू से किसी अन्य विवि में जा सकेंगे और अन्य विवि के छात्र भी जेयू में प्रवेश पा सकेंगे। इसे मल्टीपल एंट्री और मल्टीपल एक्जिट (एमई एमई) पद्धति भी कहते हैं।
प्रवेश परीक्षा दो पालियों में होगी। पहली सुबह 9 से दोपहर 12.15 तक, दूसरी दोपहर 3 से शाम 6.45 तक।
यह परीक्षा ऑनलाइन ही होगी, जिसमे 75 प्रश्नों को ऑबजेक्ट रूप से हल करना होगा। प्रवेश परीक्षा में माइनस मार्किंग भी होगी।