तत्कालीन जनकगंज टीआई निर्मल जैन, एसआई नागेन्द्र को 3 वर्ष की सजा

ग्वालियर जिला लोक अभियोजन अधिकारी लोकायुक्त संगठन श्रीमती राखी सिंह के द्वारा प्रकरण की जानकारी देते हुए बताया आवेदक विनोद सिंह भदोरिया द्वारा दिनांक 5/10 /20 13 को लोकायुक्त संगठन ग्वालियर में उपस्थित होकर एक शिकायती आवेदन पेश किया था जिसमे लोकायक्त द्वारा कार्यवाही उपरांत अभियुक्त नागेन्द्र सिंह उपनिरीक्षक एवं सह अभियुक्त निर्मल जैन द्वारा रामजी, और लल्ला उर्फ कौशलेन्द्र को छोड़ने के लिए वैद्य परिश्रमिक से भिन्न पहले ढाई लाख रू और फिर दो लाख रू रिश्वत की मांग किये जाने का अपराधिक कृत्य किये जाने एवं दोनों अभियुक्तों द्वारा सहमत होकर अपराधिक षडयंत्र किये जाने और इस संबंध में नागेन्द्र सिंह द्वारा की गई रिश्वत की मांग के अपराधिक कृत्य के दण्ड से उसे बचाने के लिए थाना जनकगंज के रोजनामचा सान्हा में असत्य प्रविष्टियां करके रिश्वत की राशि की मांग किये जाने में अभियुक्त नागेन्द्र सिंह के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवरण अधिनियम 1988 की धारा 7 तथा नागेन्द्र सिंह एवं निर्मल जैन के विरूद्ध धारा 120बी और 201 आई.पी. सी का अपराध किया जाना अभियोजन ने सफलतापूर्वक प्रमाणित किया है।
आज दिनांक 28/04/22 को विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम ग्वालियर द्वारा (अपराध क्रमांक 333 /13) वि. प्र. क्र. 02/15 विरुद्ध नागेंद्र सिंह भदौरिया उप निरीक्षक थाना जनक गंज जिला ग्वालियर को धारा 7 pc act 1988 में 3 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 2000 रू के अर्थदंड से दंडित किया व्यक्ति क्रम की दशा में 4 माह का अतिरिक्त कारावास धारा 120B IPC में 2 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 2000 रू के अर्थदंड से दंडित किया व्यक्ति क्रम की दशा में 3 माह का अतिरिक्त कारावास एवं धारा 201 IPC में 1 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 2000 रू के अर्थदंड से दंडित किया व्यक्ति क्रम की दशा में 3 माह का अतिरिक्त कारावास एवं सहआरोपी निरीक्षक निर्मल जैन थाना जनक गंज जिला ग्वालियर को धारा 120B IPC में 2 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 2000 रू के अर्थदंड से दंडित किया व्यक्ति क्रम की दशा में 3 माह का अतिरिक्त कारावास एवं धारा 201 IPC में 1 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 2000 रू के अर्थदंड से दंडित किया व्यक्ति क्रम की दशा में 3 माह का अतिरिक्त कारावास से दंडित किया गया।