कबाड से सजेगा घर का ड्राइंग रुम

आमतौर पर हम जिन वस्तुओं को कबाड समझकर फेंक देते हैं, इन दिनों उन्हीं कबाड के सामानों से महागौरी स्व सहायता समूह की महिलाएं घर का ड्राइंग रुम सजाने के लिए सुंदर-सुंदर सामान बना रहीं है, इसके साथ ही घरेलू उपयोग के लिए भी अनेक वस्तुएं इन कबाड के सामान से तैयार की जा रही हैं। इससे एक ओर तो कचरा का रीयूज हो रहा है, वहीं दूसरी ओर समूह द्वारा तैयार किए गए विभिन्न उत्पादों की बिक्री से महिलाएं आर्थिक रुप से स़क्षम हो रहीं हैं।

स्वच्छ भारत मिशन का मूल मंत्र है 3 आर, जिसका अर्थ है किसी भी सामान का रीसाइकिल, रिडयूज एवं रीयूज यदि हम इसी मूल मंत्र को लेकर चलें तो कचरा अपने आप ही कम हो जाएगा। नगर निगम ग्वालियर द्वारा 3 आर मार्ट के फार्मूले पर कार्य किया जा रहा है। जिसमें विभिन्न स्व सहायता समूह के माध्यम से शहर के घरों से निकलने वाले कबाड के सामान को एकत्रित कर उनके पुर्न उत्पाद बनाने का कार्य किया जा रहा है। जिससे जहां स्वच्छता की ओर हम एक कदम बढा रहे हैं तो दूसरी ओर महिलाओं को रोजगार उपलब्ध हो रहा है जिससे उन्हें आर्थिक लाभ भी मिल रहा है। इसके लिए विभिन्न संसाधन महिलाओं को नगर निगम ग्वालियर द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

महागौरी स्व सहायता समूह की सदस्य श्रीमती दीपमाला झा ने बताया कि हम अपने घर का कार्य करके दिन भर बोर होते थे जब हमें इस प्रकार की योजना के बारे में पता चला तो हमने अपने समय का सदुपयोग किया तथा बेकार पडे कबाड की वस्तुओं से घर सजाने एवं घरों में उपयोग होनी वाली विभिन्न वस्तुओं को बनाया। जैसे पुरानी बोतलों, ,खराब पन्नियों, पेपर, पुराने कपडे एवं पूराने शादी कार्ड आदि से मिरर डिजायन, फ्लावर पॉट, सुंदर बंदनवार, डिजायनर पॉकेट सहित अनेक प्रकार के सुदंर उत्पाद बनाए जा रहे हैं। यह उत्पाद जो भी लोग देखते हैं उन्हें पसंद भी आ रहे हैं। इससे जहां कचरे का रीयूज हो रहा है वहीं समूह की महिलाओं की आय भी हो रही है।

श्रीमती दीपमाला झा ने बताया कि समूह की सचिव सुश्री मीरा लोधी सहित लगभग 10 महिलाएं समूह से जुडी हुई हैं तथा हम सभी को प्रसन्नता है कि हम अपने इस कार्य के चलते शहर के स्वच्छता अभियान में कुछ तो सहभागिता कर पा रहे हैं।