यूक्रेन में फंसे भारतीयों को सलाह, हर हाल में शेहयनी-मेदायका बॉर्डर के इस्तेमाल से बचें

युद्धरत यूक्रेन (Ukraine) में चारों तरफ कोहराम मचा हुआ है. रूसी हमले में (Russian attack) से मौत की आहट किस करवट कब आ जाए, कोई नहीं जानता. हर तरफ दहशत और बदहबासी है. ऐसे में वहां फंसे भारतीय (Indian stuck in Ukraine) भी इससे अछूते नहीं हैं. यूक्रेन में फंसे भारतीय बदहबासी में बॉर्डर तक आने के लिए कहीं से भी निकल पड़ते हैं. लेकिन पोलैंड में भारतीय दूतावास ने आगाह किया है कि यूक्रेन के पश्चिमी भाग लविवि और टर्नोपिल (Lviv and Ternopil) की ओर से आने वाले भारतीय पोलैंड आने के लिए बुडोमिर्ज (Budomierz) बॉर्डर का ही इस्तेमाल करें. इससे बॉर्डर क्रॉस करने में आसानी होगी. पोलैंड में भारतीय दूतावास ने एडवाइजरी जारी कर कहा है कि शेहयनी-मेदायका (Shehyni-Medyka) बॉर्डर का इस्तेमाल न करें.

दूतावास ने एडवाइजरी में कहा है कि यूक्रेन के पश्चिमी भाग में रहने वाले भारतीय बुडोमिर्ज बॉर्डर के चैक प्वाइंट पर एंट्री करें क्योंकि इससे पोलैंड में दाखिल होना आसान होगा. शेहयनी-मेदायका (Shehyni-Medyka) बॉर्डर अपेक्षाकृत बहुत ज्यादा भरा हुआ है, वहां से पोलैंड में प्रवेश करने में दिक्कतों का सामना करना होगा.

शेहयनी-मेदायका बॉर्डर पर भारतीय अधिकारी मदद के लिए तत्पर

दूतावास ने यह भी कहा कि यदि बुडोमिर्ज चैक प्वाइंट पर नहीं आ पा रहे हैं तो दक्षिण में हंगरी या रोमानिया बॉर्डर से आ सकते हैं. एंबेसी ने कहा है कि शेहयनी-मेदायका (Shehyni-Medyka) बॉर्डर पर भारतीय अधिकारी तैनात हैं. ये अधिकारी यूक्रेन से खाली हुए भारतीयों की हर तरह से मदद करने के लिए तैयार हैं. ये भारतीयों को सुरक्षित देश वापसी की राह आसान करेंगे. एंबेसी ने कहा है, जो भारतीय पोलैंड में किसी अन्य बॉर्डर की तरफ से प्रवेश कर रहे हैं और वहां भारतीय अधिकारी नहीं हैं, तो घबराएं नहीं, वहां से रजेसजॉ (Rzeszow) के होटल प्रेजाइदेंकी (Hotel Prezydecki, ul) आएं. वहां हर तरह की व्यवस्थाएं हैं. आपको वहां ऑपरेशन गंगा के तहत चल रहे विमानों तक देश वापसी के लिए भेजा जाएगा.

होटल तक आने के लिए किराया भी देगी एंबेसी

एंबेसी ने कहा है कि किसी तरह होटल तक पहुंचें. वहां आपके लिए हर तरह की व्यवस्था है. यदि आपके पास पैसे नहीं हैं तो होटल पहुंचते ही किराया दे दिया जाएगा. 24 फरवरी को यूक्रेन पर रूसी हमले के बाद से ही भारत सरकार ने वहां फंसे भारतीयों को निकालने के लिए ऑपरेशन गंगा चलाया हुआ है. संघर्ष वाली जगहों से भारतीय और भारतीय छात्रों को निकालना सरकार की पहली प्राथमिकता है. पोलैंड, रोमानिया, हंगरी और स्लोवाकिया के रास्ते भारतीयों को निकालने के लिए 24 घंटे भारतीय अधिकारी काम कर रहे हैं. इसके लिए अलग से ट्विटर अकाउंट @opganga बनाया गया है.