ग्वालियर के आसमान में रहेंगे बादल, ठण्डक बढ़ेंगी, दतिया और भिण्ड के 60 गांवों में तेज वर्षा
देश के उत्तरी हिस्से में पहाड़ों पर हो रही बर्फवारी का प्रभाव मध्यप्रदेश पर भी पड़ने लगा है। प्रदेश के अधिकतर हिस्से में ठण्ड बढ़ने की संभावना है। गुरूवार को ग्वालियर में चली तेज हवा ने ठण्डक का अहसास कराया। ऐसे में अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गयी है। शुक्रवार को 26.8 डिग्री पारा दर्ज हुआ। पिछले 4 दिन से तेज धूप निकलने की वजह लोग दिन में सर्दी से राहत महसूस कर रहे थे।
भिण्ड और दतिया जिले में शाम 4 बजे तेज वर्षा के साथ की लगभग 30 मिनट तक बेर के आकार के ओले गिरे। भिण्ड जिले में सबसे अधिक ओलावृष्टि लहार क्षेत्र में हुई है। यहां लहार, रौन, मिहोना, अमायन, मौं और मेहगांव क्षेत्र के 40 गांवों में ओला की वर्षा हुई हैं। वहीं दतिया जिले में सेंवढ़ा क्षेत्र के 20 गांवों में ओलों से नुकसाने हुआ है। ओलावृष्टि से सरसों और गेहूं की फसल में नुकसान होना बताया जा रहा है। शुक्रवार को भी भिण्ड और मुरैना में बूंदाबांदी हो सकती है। जबकि ग्वालियर में केवल बादल छाये रहेंगे।
सरसों की फसल टूटकर खेतों में बिछ गई
भिंड जिले के गाता, कनाथर, अजनार, मेहरा, रावली, असनहट, सलमपुरा, मढ़ी जैतपुरा सहित करीब 40 गांवाें में शाम 4 बजे तेज बारिश के साथ ओले गिरने लगे। ओलों से खेतों में पकी खड़ी सरसों के फूल और फली झड़कर गिर गए। कई जगह पूरी फसल खेतों में पसर गई। गेहूं की फसल में भी नुकसान हुआ है। रबी सीजन की फसलों पर दूसरी बार ओलावृष्टि हुई है। लहार के किसान हरवेंद्र सिंह रोहानी का कहना है कि ओलों से सरसों की फसल पूरी तरह तबाह हो गई है। उधर दतिया जिले के सेंवढ़ा क्षेत्र में भी शाम 4 बजे ओलावृष्टि हुई। यहां रुहेरा, मेवली, मंगरोल, ग्यारा, कसेरूआ, नीमडाड़ा, टुकी सहित लहार की सीमा से सटे 10 गांव में ओलावृष्टि हुई।
मंगरौल गांव के किसान राजेंद्र त्यागी का कहना है कि ओले की चोट से सरसों की फली गिर गईं। अब टूटी हुई फसल का फिर से खड़ा होना मुश्किल है क्योंकि फसल में फलियां लगने से वजन है। सेंवढ़ा के नायब तहसीलदार सुनील वर्मा का कहना है कि सुबह पटवारियों को भेजकर सर्वे करवाया जाएगा।
ग्वालियर, भिण्ड और मुरैना में आज बूंदाबांदी का अनुमान
पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, जिसके असर से उत्तर राजस्थान में प्रेरित चक्रवातीय घेरा बना हुआ है। इससे अरब सागर से नमी आ रही है। अगले 24 घंटे के दौरान भिण्ड व मुरैना में बूंदाबांदी हो सकती है। जबकि ग्वालियर में बादल छाये रहेंगे।
पीके शाहा, मौसम वैज्ञानिक