काशी में CM योगी बोले- गांधी जी के नाम पर बहुत लोगों ने सत्ता हासिल की, तपस्या आज हुई सार्थक
वाराणसी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) वाराणसी दौरे पर हैं. उन्होंने सोमवार को काशी विश्वनाथ धाम (Kashi Vishwanath Dham inauguration) का उद्घाटन किया. इससे पहले सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने जनता को संबोधित किया. सीएम योगी ने कहा कि 1000 साल तक बाबा विश्वनाथ का धाम विपरित परिस्थितियों में रहा. उन्होंने कहा कि हजारों वर्षों की प्रतीक्षा पूरी हुई, ऐसा कहा जाता रहा है कि मां गंगा या तो भगीरथ की जटाओं में उलझी या फिर काशी के मणिकर्णिका घाट पर उलझी रही, लेकिन आज प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों से आज हमको ये उपहार मिला है.
सीएम योगी ने कहा कि गांधी जी के नाम पर बहुतोंने सत्ता प्राप्त की, लेकिन वाराणसी को स्वच्छ करने के सपने को हम सब ने साकार किया है. उन्होंने कहा, हजारों वर्षों की तपस्या आज सार्थक होती दिखाई दी है. एक हज़ार वर्षों से काशी ने जिन विपरीत परिस्थितियों का सामना किया उसका साक्षी हर भारतवासी रहा…काशी में बाबा विश्वनाथ का ये धाम अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण का कार्य उसी श्रृंखला को एक नया स्वरूप प्रदान करता है. आज हम सभी पर बाबा विश्वनाथ जी की अपार कृपा बरस रही है. मां गंगा प्रफुल्लित हैं व काशी के कोतवाल बाबा भैरवनाथ जी भी आह्लादित हैं. पूज्य संतों के आशीर्वाद व प्रधानमंत्री मोदी जी के मार्गदर्शन में काशी विश्वनाथ धाम के नव्य-भव्य स्वरूप का लोकार्पण आज हुआ है.
पीएम मोदी ने काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के निर्माण में शामिल लोगों के बीच पहुंचे और मजदूरों के साथ फोटो खिंचवाई. इस दौरान उन्होंने फूलों की वर्षा कर उनका सम्मान किया. पीएम मोदी ने कहा, ‘हमारे कारीगर, हमारे सिविल इंजीनयरिंग से जुड़े लोग, प्रशासन के लोग, वो परिवार जिनके यहां घर थे सभी का मैं अभिनंदन करता हूं. इन सबके साथ यूपी सरकार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का भी अभिनंदन करता हूं जिन्होंने काशी विश्वनाथ धाम परियोजना को पूरा करने के लिए दिन-रात एक कर दिया.’
बता दें कि काशी विश्वनाथ धाम परियोजना करीब पांच लाख वर्ग फीट में फैली हुई है और गंगा नदी को काशी विश्वनाथ मंदिर से जोड़ती है और इसके अलावा श्रद्धालुओं के लिए कई सुविधाओं का विकास किया गया है. इस मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और देशभर से आए साधु संत भी मौजूद थे.