केरल कांग्रेस में ओल्ड गार्ड बनाम न्यू गार्ड की लड़ाई तेज, सोनिया गांधी तक पहुंचा विवाद

नई दिल्ली. कांग्रेस में कलह खत्म होने का नाम नहीं ले रही है. पंजाब के बाद अब केरल कांग्रेस में विवाद की खबरें आ रही हैं. केरल में ओल्ड गार्ड और न्यू गार्ड के बीच लड़ाई लगातार बढ़ती जा रही है. इस लड़ाई को सुलझने की कोशिश के लिए केरल के प्रभारी महासचिव तारिक अनवर राज्य का दौरा करेंगे. राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता ओमन चंडी ने प्रदेश कांग्रेस में नामांकन के जरिये पदों पर नियुक्ति रोकने और चुनाव के जरिए पदों को भरने की मांग की है. उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से बीते बुधवार को मुलाकात में भी अपनी मांगों को सामने रखा है.

केरल के ही दूसरे वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला भी पार्टी अध्यक्ष और राज्य प्रभारी से पदों को नामांकन से भरने से रोकने और चुनाव के जरिए पदों को भरने की मांग कर चुके हैं. प्रभारी महासचिव तारिक अनवर ने कहा कि जो प्रदेश में जो जरूरी नियुक्तियां हैं वो तो AICC की तरफ से नामांकन के जरिये की जाएंगी क्योंकि संगठन का काम चलता रहना चाहिए. लेकिन बाकी पदों को चुनाव के जरिए भरा जाएगा.

हालांकि केरल का दौरा तारिक अनवर का कांग्रेस के देशव्यापी अभियान के तहत है, लेकिन अपने दौरे में वो असंतुष्ट नेताओं से भी मिलेंगे. केरल प्रदेश अध्यक्ष के सुधाकरन और केरल में कांग्रेस विधायक दल के नेता वीडी सतीशन के काम करने के तरीके से ओमन चंडी और रमेश चेन्निथला का कैंप नाराज है.

सुधाकरन और सतीशन दोनों राहुल गांधी के करीबी माने जाते हैं और ओल्ड गार्ड बना न्यू गार्ड में न्यू गार्ड का प्रतिनिधित्व करते हैं. दरअसल केरल में साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव से पहले ओल्ड गार्ड के दोनों कैंप यानी ओमन चंडी और रमेश चेन्निथला का खेमा आमने सामने था, लेकिन विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की अप्रत्याशित हार के बाद केरल में प्रदेश अध्यक्ष बदला गया और नए विधायक दल के नेता का भी चुनाव हुआ. न्यू गार्ड के दोनों नेताओं के खिलाफ आज की तारीख में ओमन चंडी और रमेश चेन्निथला का गुट एकजुट हो गया है.