वानखेड़े के खिलाफ भ्रष्टाचार की जांच शुरू, कोर्ट में बोले मुझे टारगेट किया जा रहा

मुंबई. क्रूज ड्रग्स केस में मुंबई एनसीबी के जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े के खिलाफ इंटरनल विजिलेंस जांच शुरू हो गई है। वानखेड़े पर शाहरूख खान के बेटे आर्यन खान को ड्रग केस में रिहा करने के लिए 25 करोड़ रुपए के लेनदेन का आरोप है। एनसीबी के डिप्टी डायरेक्टर जनरल और एजेंसी के चीफ विजिलेंस ऑफिसर ज्ञानेश्वर सिंह ने बताया कि वह खुद वानखेड़े के खिलाफ जांच की निगरानी कर रहें हैं। ज्ञानेश्वर सिंह से पूछा गया कि जांच के दौरान भी समीर वानखेड़े अपने पद पर बने रहेंगें या नहीं? इस पर उन्होंने कहा कि हमने अभी-अभी जांच शुरू की है, इसलिए इस पर टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी। सिंह ने कहा कि एक स्वतंत्र गवाह ने एफिडेविट के जरिए सोशल मीडिया पर कुछ तथ्यों को प्रसारित किया था, उसका संज्ञान लेते हुए महानिदेशक एनसीबी ने विजिलेंस को इंक्वायरी मार्क की है। आज जांच के आदेश हुए हैं, तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर फैसला होगा।

वानखेड़े बोले मुझे और परिवार को टारगेट किया जा रहा

वहीं, क्रूज ड्रग्स केस में एनसीबी के जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े सोमवार को स्पेशल एनडीपीएस कोर्ट में हुए और दो एफिडेविट दाखिल किए। वानखेड़े ने कहा कि उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उनकी बहन और स्वर्गवासी मां को भी टारगेट किया जा रहा है। उनका कहना है कि वह जांच के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि केस को कमजोर करने के लिए सब कुछ किया जा रहा है। पंच के परिवार और पंच के बारे में जानकारी साझा कर रहे हैं, जिसके चलते उनको खतरा है।

दो एफिडेविट में से एक वानखेड़े और दूसरी एनसीबी ने फाइल की है। समीर वानखेड़े ने एफिडेविट में कहा कि उन्हें धमकी दी जा रही है और जांच को प्रभावित किया जा रहा है। वहीं, एनसीबी ने एफिडेविट में कहा है कि क्रूज ड्रग्स मामले में जो स्वतंत्र पंच है, वो होस्टाइल हो रहे हैं।