CBI प्रमुख और उप-प्रमुख को छुट्टी पर भेजा, नागेश्‍वर राव ने संभाला चार्ज


रिश्वत लेने के आरोपों के बाद जांच एजेंसी सीबीआई के निदेशक आलोक वर्मा और विशेष निदेशक राकेश अस्‍थाना को छुट्टी पर भेज दिया गया है. सीबीआई के एडिश्‍ानल डायरेक्‍टर नागेश्‍वर राव ने अंतरिम तौर पर एजेंसी की कमान संभाल ली है. 'डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल एंड ट्रेनिंग' के एक आदेश्‍ा के अनुसार सीबीआई डायरेक्‍टर पद की सभी ड्यूटी और कार्यभार तत्‍काल प्रभाव से अब राव संभालेंगे.

गौरतलब है कि अस्थाना ने घूस के आरोप में अपने खिलाफ दायर एफआईआर को चुनौती दी थी. इसके बाद मंगलवार को दिल्‍ली हाईकोर्ट ने सीबीआई को निर्देश दिए थे कि अस्‍थाना के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही की यथास्थिति को बरकरार रखा जाए.

आदेश से साफ ज़ाहिर होता है कि सरकार ने वरिष्ठता में तीसरे स्थान पर आने वाले सभी अतिरिक्त निदेशकों को किनारे कर दिया है. बता दें कि इनमें ए के शर्मा का नाम भी शामिल है जिनका नाम अस्थाना द्वारा की गई शिकायत में सामने आया था.

बता दें कि हैदराबाद के एक रियल स्टेट व्यापारी सतीश साना द्वारा दिए गए बयान के आधार पर ये सारा मामला सामने आया. दरअसल सतीश साना से मीट एक्सपोर्टर मोइन कुरैशी की छानबीन मामले में अस्थाना द्वारा जांच किए पर सारा मामला सामने आया.

अधिकारियों के अनुसार साना ने मामले में राहत पाने के लिए कथित तौर पर रिश्वत दी थी. उन्होंने दावा किया, ऐसा आरोप है कि साना का बयान कथित तौर पर 26 सितंबर 2018 को अस्थाना के नेतृत्व वाली जांच टीम द्वारा दर्ज किया गया. लेकिन सीबीआई की जांच में सामने आया कि उस दिन साना हैदराबाद में थे.

अपने बयान में साना ने कहा था कि उन्‍होंने इस साल जून में अपने मामले के बारे में तेलूगु देशम पार्टी के राज्‍यसभा सांसद सीएम रमेश से बात की थी. उन्‍होंने सीबीआई निदेशक से बात करने के बाद भरोसा दिलाया था कि उन्‍हें (साना) फिर से नहीं बुलाया जाएगा.

साना ने संभवत कहा है, 'जून के बाद से मुझे सीबीआई ने नहीं बुलाया. मुझे ऐसा लगा कि मेरे खिलाफ जांच पूरी हो गई.' सीबीआई ने अब आरोप लगाया है कि कुमार ने उसके बयान में हेरफेर किया था ताकि सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा के खिलाफ अस्थाना द्वारा सीवीसी में लगाए गए आरोपों की पुष्टि हो सके.